कबीर सोयी सूरमा, मन सूं मांदे झूझ
पंच प्यादा पारी ले, दूर करे सब दूज
अनुवाद :कबीर, वह अकेला योद्धा है, जो मन पर पूर्ण नियंत्रण पा लेता है
कामुक पांच इन्द्रियों को कुचल कर सभी द्वंद्व को हटा देता है
अर्थ : कबीर का कहना है कि वह ही वास्तविक योद्धा जो मन के साथ संलग्न
रहते हुए भी उसपर संपूर्णतः पूर्ण रूप से नियंत्रण रखता हो . वो पांच
सैनिकों (इन्द्रियों ) और सभी द्वंद्व को हटा. सकता है
पंच प्यादा पारी ले, दूर करे सब दूज
अनुवाद :कबीर, वह अकेला योद्धा है, जो मन पर पूर्ण नियंत्रण पा लेता है
कामुक पांच इन्द्रियों को कुचल कर सभी द्वंद्व को हटा देता है
अर्थ : कबीर का कहना है कि वह ही वास्तविक योद्धा जो मन के साथ संलग्न
रहते हुए भी उसपर संपूर्णतः पूर्ण रूप से नियंत्रण रखता हो . वो पांच
सैनिकों (इन्द्रियों ) और सभी द्वंद्व को हटा. सकता है