बस राहन दे दरदां नै क्यूँ और उखाड़े सै ,
जुदाई आली आग मैं क्यूँ फेर तै साडे सै
...
किम्मे याद कर मरजानी तू मेरी बफावाँ नै
क्यूकर बिसार मैं द्यूं तेरी जफावाँ नै
मेरे प्यार आली ठंडी गरम हवावां नै
पड़ी राहन दे पड़ी दबी किताबां नै क्यूँ धुल नै झाडे सै !
हो ली सै हद भतेरी एतबार और के होवे सै
एक दिन मैं भी रोया था आज क्यों पड़ के पाहयाँ रोवै सै
सब कुछ अपने हाथ खो के मन्ने कित टोहवे सै
जिस की गैल चली गयी थी क्यों उसकी राह मैं कांटे बोवे सै
जिसके जी जो आव वो कहके आज चालज्या
नहीं जखम की कोई दावा ज्यू फोड़े मे खाज चाल्ज्या
काढ के ख्याल दिल तै मेरा घर अपने आज चाल्ज्या
मन्ने मरे होए नै तू क्यूँ आके ज्यादा और सतावे सै !
तू तै बेशक भूल बिसरगी पर मैं ना भूल पाया
सपनेया आली सेज मैं आज तक मै ना झूल पाया
तेरे प्यार आले नशे मैं ना कड़े आज तलक टूल पाया
सँभाल के धरे हुए ख़त ''''नामदेव ''' आज क्यूँ अपने हाथां तै फाड़े सै
सोमबीर सिंह सरोया
गाँव ...डाया
जिला .....हिस्सार ( हरियाणा )
मोब न .,,, 9321083377
किम्मे याद कर मरजानी तू मेरी बफावाँ नै
क्यूकर बिसार मैं द्यूं तेरी जफावाँ नै
मेरे प्यार आली ठंडी गरम हवावां नै
पड़ी राहन दे पड़ी दबी किताबां नै क्यूँ धुल नै झाडे सै !
हो ली सै हद भतेरी एतबार और के होवे सै
एक दिन मैं भी रोया था आज क्यों पड़ के पाहयाँ रोवै सै
सब कुछ अपने हाथ खो के मन्ने कित टोहवे सै
जिस की गैल चली गयी थी क्यों उसकी राह मैं कांटे बोवे सै
जिसके जी जो आव वो कहके आज चालज्या
नहीं जखम की कोई दावा ज्यू फोड़े मे खाज चाल्ज्या
काढ के ख्याल दिल तै मेरा घर अपने आज चाल्ज्या
मन्ने मरे होए नै तू क्यूँ आके ज्यादा और सतावे सै !
तू तै बेशक भूल बिसरगी पर मैं ना भूल पाया
सपनेया आली सेज मैं आज तक मै ना झूल पाया
तेरे प्यार आले नशे मैं ना कड़े आज तलक टूल पाया
सँभाल के धरे हुए ख़त ''''नामदेव ''' आज क्यूँ अपने हाथां तै फाड़े सै
सोमबीर सिंह सरोया
गाँव ...डाया
जिला .....हिस्सार ( हरियाणा )
मोब न .,,, 9321083377



