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शुक्रवार, 5 अप्रैल 2013

न करी दावा तनॆ मेरे दर्द की ना मेरी नब्ज पिछानी!

मरजानी तेरे के हो गया के पी गी बिना छानी
न करी दावा तनॆ मेरे दर्द की ना मेरी नब्ज पिछानी!

कुन सा झूठा बहम आज तू पाल के बैठी सै
कयु दंगल के माह अपन्ना पीढा घाल के बैठी सै !

अपने भीतर का बहम थोडा सा तू बाहर कर लिए
घणा नही थोडा सा तो मेरे पै भी तू ऐतबार कर लिए !

डायेआले '''नामदेव '''का कुछ तू भी ख्याल करले
सारे गिल्ले शिकवयाँ का छाबडा इब तार कै धर ले !

सोमबीर '''नामदेव '''डाये आला
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तेरे जीसियां का भी मन्ने घाटा भी कद था !!

तू नु बता तेरे गेली आन ते मैं नाट्या भी कद था !
आर तू ना आयी तेरे जीसियां का भी मन्ने घाटा भी कद था !!

तू के सोचे दुनिया मैं एक तू ऐ तू बसरी है !
तू ना मिली तो मेरे कोन्सी फसरी है !!

एकला भाजु तेरे पाछे के इसमें के मेरी मजबूरी है !
मेरे बिन तू रह्लेगी ते मेरे कोन्सी जरूरी है !!

रल मिल के नै काम बने ना एक की तान चलै छोरी !
... एकला हाथ नै कोए काम का रल मिल के हाथ धुलै छोरी !!

यो '''डायेवाला '''तनै समझा रह्या से मत खोटी नीयत करे !
छोड़ के प्यार मेरा क्यों बिन आयी मौत मरे !!

सोमबीर '''नामदेव '''
गाँव डाया ... जिला हिस्सार ( हरियाणा )

हरदम तेरे गेल लगया रहूँ तू इसी कितनी क सुथरी सै !

हरदम तेरे गेल लगया रहूँ तू इसी कितनी क सुथरी सै !
दिन रात खोया रहू तेरे सुपनेयाँ तू के हुर सुरग ते उतरी सै !!

जा तू बेशक ते छोड़ मनै पर बता तू के चाहवे सै !
इतनी कीमती भी ना से तू जितनी भाव खावे सै !!

जितना दूर तू छोड़ के मन्नै जावेगी !
उसते कई गुना परे मन्नै खड्या आप ते पावेगी !!

प्रेम प्यार ते बावली क्यों दुनिया सर पे उठारी सै
बिन तेरे बता इस ''''डायेआले ''' के कुनसी फांसी आरी सै
sombir naamdev
9321083377

जै आशिक के हाथ लिखनी अपनी तकदीर होंदी

जै आशिक के हाथ लिखनी अपनी तकदीर होंदी
ना राँझा कदे पागल होंदा ना कदे बेवफा हीर होंदी !

जै लेखां तै आशिक लड़ सकदे
उस खुद आली खुदाई मैं बड़ सकदे
अपने हाथ तकदीर अपनी घड सकदे
ना लैला तरसती मजनू नै ना मजनू की माडी तकदीर होंदी

जै प्रेमी लड़ सकदे दुनिया आलेयाँ तै
जै लैला लड़ सकदी घर आलेयाँ तै
हर आशिक टकरा जाता जुदा करण आलेयाँ तै
ना किसे साहिबा नै फेर किसे मिरजे के तोड़ना तीर होंदी !

जै होंदा इनके हाथ मैं तो ना प्रेमी दूर कदे होंदा
जिस श्याम नै तरसी राधा ना वो श्याम दूर कदे होंदा
इस प्रेम की मारी मीरा नै ना पीना जहर कदे होंदा
प्रेम धुन में बावरी राधा बैठी कदे उस जमना जी के तीर होंदी

कितने आशिक दुनिया नै जुदा कर दिए
कितने महबूब इसक मैं माशूक नै खुदा कर दिए
कित्नेयाँ नै प्रेम के कर्जे देकर जान अदा कर दिए
ना दर दर खाक छानता ''''डायेआला ''' तू भी ना फ़क़ीर होंदी

लेखक-; सोमबीर ''''नामदेव ''''डायेआला

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क्यों आज फेर तेरी घनी गाढ़ी कमी सी लागे सै

क्यों आज फेर तेरी घनी गाढ़ी कमी सी लागे सै
के होगीआज मेरे तै खता बता दे जो परे परे सी भागे सै!

कड़े गये वे तेरे वादे और इरादे जो सारी हान तू कह्या करती
इक घडी ना दूर बिछड़ के तू मेरे तै एक पल दूर रह्या करती
मन्ने बता दे इब छोरी जी तेरा यो मेरे बिना क्यूकर लागे सै !

आज इसा के होग्या जो तन्ने फूटी आँख सुहाता ना
मेरी हालत देख के बैरन तन्ने क्यूँ रहम मेरे पै आता ना
दरदां आले गोले बता मेरे पै इब क्यूँ और घने तू दागे सै !

सारा खोट मेरा लागे ना यार की करी पिछान मन्ने
बेकदरां के गैल लाग के करली जिन्दगी कति बीरान मन्ने
जिन्दगी बीरान होए पाछे के फायदा जो '''डायेआला '''इब तू जागे सै

sombir ''naamdev''

सोमवार, 18 मार्च 2013

तन्ने के बेरा के बीती मेरी गैल
जद तू न्यारी पाटी थी !

कालजा पाट पाट आवे था
मुश्किल छाती डाटी थी !!

सोमबीर '''डायेआला '''

जै आशिक के हाथ लिखनी अपनी तकदीर होंदी

जै आशिक के हाथ लिखनी अपनी तकदीर होंदी
ना राँझा कदे पागल होंदा ना कदे बेवफा हीर होंदी !

जै लेखां तै आशिक लड़ सकदे
उस खुद आली खुदाई मैं बड़ सकदे
अपने हाथ तकदीर अपनी घड सकदे
ना लैला तरसती मजनू नै ना मजनू की माडी तकदीर होंदी

जै प्रेमी लड़ सकदे दुनिया आलेयाँ तै
जै लैला लड़ सकदी घर आलेयाँ तै
हर आशिक टकरा जाता जुदा करण आलेयाँ तै
ना किसे साहिबा नै फेर किसे मिरजे के तोड़ना तीर होंदी !

जै होंदा इनके हाथ मैं तो ना प्रेमी दूर कदे होंदा
जिस श्याम नै तरसी राधा ना वो श्याम दूर कदे होंदा
इस प्रेम की मारी मीरा नै ना पीना जहर कदे होंदा
प्रेम धुन में बावरी राधा बैठी कदे उस जमना जी के तीर होंदी

कितने आशिक दुनिया नै जुदा कर दिए
कितने महबूब इसक मैं माशूक नै खुदा कर दिए
कित्नेयाँ नै प्रेम के कर्जे देकर जान अदा कर दिए
ना दर दर खाक छानता ''''डायेआला ''' तू भी ना फ़क़ीर होंदी

लेखक-; सोमबीर ''''नामदेव ''''डायेआला

मतना छेड़े यार मेरे

तू के जाने आग मैं दिल मैं कोण दबाये बैठ्या सु

मतना छेड़े यार मेरे चोट मैं दिल पे खाए बैठ्या सु

नामदेव

वेवक्त घरां गैर के जाणा ठीक नही !

1 . जो शरीर नै तंग करै वो खाणा ठीक नही
वेवक्त घरां गैर के जाणा ठीक नही !

2 . जार की यारी वेश्या का ठिकाणा ठीक नही !
ख़ुशी के टेम पै मातम का गाणा ठीक नही !!

3. बीर नै ज्यादा मुंह के लाणा ठीक नही !
बेटी हो घर की शोभा घणा घुमाणा ठीक नही !!

4 पास के धन तै काम चालज्या तै कर्जा ठाना ठीक नही !
भाईचारे तै रहना चाहिए गाम मैं पाला ठीक नही !!

5 . सुसराड जमाई . बेटी कै बाप और गाम मैं साला ठीक नही !
पछैत मैं बा...रना घर बीच मैंनाला ठीक नही!!

6 . ऐश करण नै माल बिराना ठीक नही
'''' नामदेव ''''कह तिल हो धोले रंग का दाल मैं क़ाला ठीक नही !!

पर किसी गरीब नै सताना ठीक नही !

जै दान पुन नही करया जा तै कोए बात ना
पर किसी गरीब नै सताना ठीक नही !

सयाना बालक का ठाली बिठाना ना चाहिए
और याणे नै काम कै लाना ठीक नही !

गाना हो सुरताल का भाइयो बढ़िया राग नै
बिना ताल और बेसुरा गाना ठीक नही !

भाई की हो जै आब शिखर पै
भाई नै भुलाना ठीक नही !

बीर मर्द मै मेल का रहना बहूत जरूरी हो सै
बीर नै हद तै ज्यादा मुंह कै लाना ठीक नही !

वकील नै ज्यादा भेद बताना ना चाहिये
डाक्टर तै मर्ज छुपाना ठीक नही !

नामदेव सब उपर उठना चाहवे साईं दुनिया मैं
खुद उपर उठन खातिर तरले नै दबाना ठीक नही

'''' सोमबीर नामदेव ''''

रविवार, 20 जनवरी 2013

किस कदर छाया है मुझपे ये

किस कदर

छाया है मुझपे ये

खुमार दीदार का ///

हाल कैसा है

इश्क में बीमार

मेरे यार का / //

नामदेव

हरदम तेरे गेल लगया रहूँ तू इसी कितनी क सुथरी सै !

हरदम तेरे गेल लगया रहूँ तू इसी कितनी क सुथरी सै !
दिन रात खोया रहू तेरे सुपनेयाँ तू के हुर सुरग ते उतरी सै !!

जा तू बेशक ते छोड़ मनै पर बता तू के चाहवे सै !
इतनी कीमती भी ना से तू जितनी भाव खावे सै !!

जितना दूर तू छोड़ के मन्नै जावेगी !
उसते कई गुना परे मन्नै खड्या आप ते पावेगी !!

प्रेम प्यार ते बावली क्यों दुनिया सर पे उठारी सै
बिन तेरे बता इस ''''डायेआले ''' के कुनसी फांसी आरी सै
sombir naamdev
9321083377
संत नामदेव का जन्म सन १२६९ (संवत १३२७) में महाराष्ट्र के सतारा जिले में कृष्णा नदी के किनारे बसे नरसीबामणी नामक गाँव में एक दर्जी परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम दामाशेटी और माता का नाम गोणाई देवी था। इनका परिवार भगवान विट्ठल का परम भक्त था। नामदेव का विवाह राधाबाई के साथ हुआ था और इनके पुत्र का नाम नारायण था। संत नामदेव ने विसोबा खेचर को गुरु के रूप में स्वीकार किया था। ये संत ज्ञानेश्वर के समकालीन थे और उम्र में उनसे ५ साल बड़े थे। संत नामदेव, संत ज्ञानेश्वर के साथ पूरे महाराष्ट्र का भ्रमण किए, भक्ति-गीत रचे और जनता जनार्दन को समता और प्रभु-भक्ति का पाठ पढ़ाया। संत ज्ञानेश्वर के परलोकगमन के बाद इन्होंने पूरे भारत का भ्रमण किया। इन्होंने मराठी के साथ ही साथ हिन्दी में भी रचनाएँ लिखीं। इन्होंने अठारह वर्षो तक पंजाब में भगवन्नाम का प्रचार किया। अभी भी इनकी कुछ रचनाएँ सिक्खों की धार्मिक पुस्तकों में मिलती हैं। मुखबानी नामक पुस्तक में इनकी रचनाएँ संग्रहित हैं। आज भी इनके रचित गीत पूरे महाराष्ट्र में भक्ति और प्रेम के साथ गाए जाते हैं। ये संवत १४०७ में समाधि में लीन हो गए।...

बात पते की मैं आज बोल के रहूँगा ..

बात पते की मैं आज बोल के रहूँगा ..
ना मानु आज कालजा छोल के रहूंगा

क्यू माँ का मान रह्या ना
क्यू बाप का मानै कह्या ना
ना रहूँ अनबोल बोल के रहूँगा !

क्यू भाई चारा रह्या ना
क्यू जाता बोल सह्या ना
सही तराजू तौल के रहूँगा !

क्यू यारां बरगा यार ना रह्या
क्यू कोए दुःख बिगाने का साथी ना रह्या
भीतरले नै आज टटोल के रहूंगा !

क्यू पहले बरगा पंचाती ना रह्या
क्यू गरीब का कोई हिमाती ना रह्या
भेद सारे दिल के "नामदेव 'तै खोल के कहुंगा !
लेखक = सोमबीर सिंह सरोया
गाँव डाया जिला हिस्सार ( हरियाणा )
मोबाइल नंबर :-9321083377
भाइयो जब एक फौजी अपनी नयी नवेली ब्याहता को घर पर छोड़ कर बोर्डर पर लडाई के लिए जाता है ,
उन दोनों में क्या संवाद होते उसको महसूस करने और लिखने कोशिश की है !
अगर कोई गलती रह जाये तो अपना भाई अपना बच्चा समझ कर माफ़ कर दें !
क्यूंकि इस मौके तो बहूत बड़े बड़े हरयाणा के कवियों ने कलम चलाई है,
मैं तो उनके आगे कुछ भी नहीं हूँ !


फौजी -" आया बुलावा मेरा गोरी मैं बोर्डर उपर चाल पड्या ,
फौजन-" क्यूकर तै मैं रंहू एकली न्यू सौच कालजा हाल पड्या !

फौजी -" गोरी बोडर उपर छिडरी जंग मेरा जाना बहूत जरूरी सै
अपने इस देश की रक्षा खातिर करनी मने पड़े हजूरी सै ,
तेरे बिना या गोंरी जिन्दगी मेरी अधूरी सै
जाण की सुनके गोंरी आज मेरे कालजे के माह साल पड्या !

फौजन-" काली लम्बी रात पिया मन्ने पड़े बैठके काटनी .
दिनरात पिया तेरे सुपने देखे जासे तेरी जाटनी .
आर मद जोबन की झाल पिया मुश्किल पड़े डाटनी .
किस्ती कहूँ दिल अपने की तू तै छोड़ एकली चाल पड्या !

फौजी -" दिल अपने नै समझाके गोरी मन अपने नै मार लिए .
देश की रक्षा करनी मने तू मेरे बिना ए सार लिए .
करड़ी छाती करके नै मन्ने जाणे नै कर तयार दिए .
देश की सेवा खातिर फौजी करके होग्या ख्याल खडया !

फौजन-" जा बोर्डर उपर मेरे पिया तू दुश्मन तै भीड़ जाइये .
जान चली बेशक तै ना उलटा कदम हटाइए .
'' सोमबीर नामदेव ''तू जिन्दगी अपनी नाम देश के लिख जाइये
(singer name ) भी इब बोर्डर उपर जाणे नै होके त्यार खड्या !
सोमबीर सिंह सरोया "नामदेव "
गाँव डाया जिला हिस्सार हरियाणा

कुणसा दुनिया मंह तूफान आज्यागा !

और किसे का खोट नहीं यो सारा जमाना ऐ तो खोटा सै !

और किसे का खोट नहीं यो सारा जमाना ऐ तो खोटा सै !

तन्नै रांझे और मिल ज्यांगे तो मन्नै के हीरां का टोटा सै !!

जै आछी ढाल निभावेगी तो तेरी गैल खड्या पाउंगा

सुख दुःख के मंह हरदम तेरी आगे अडया पाउंगा

जै तू आडी आडी चालैगी तो मेरे के फहरी सै

अपनी कसर काढ लिए जो तेरे बाकी मन में रहरी सै

ना बस की बात तेरे यो दिल ऐ तेरा छोटा सै !!



कर कान उरे नै आ तन्नै याद करा द्यूं

पाछले बखत नै ल्याके आगे आज धरा द्यूं

तेरे बोले होए बोल तन्ने हटके याद करा द्यूं

के बीत रही सै मेरे पै तन्नै खोल के आज बता द्यूं

तन्नै बता द्यूं कोंसी आग मैं आज तू मेरे टी झोक्या सै !!



कदे ना कदे कोए तन्नै भी तेरे जिसा थ्या ज्यागा

ओराँ नै दुःख देवन आली तन्नै कित तै सुख पा ज्यागा

इतने दुःख दे ज्यागा कोए दिन पछले याद करा ज्यागा

मेरे जान का गम तन्नै भीतर ऐ भीतर खा ज्यागा

तू के जाने सर मेरे पै गम का कौन भरोटा सै !!



जै कदे आज्या याद तो '' डाया '' के मांह आ जाइये

किसे गरीब की गरीबी का ना फायदा और उठाइए

जिसकी गैल चाल पड़ी तू बढ़िया ढाल निभाइए

सच्ची खोल बता दिए ना सुपने और दिखाइए

इतना सा बस जबर''' नामदेव '' का ,ना इसते ज्यादा पोटा सै !!

सोमबीर ''''नाम देव ''''