मूंड मुंडावत दिन गए, अजहूँ ना मिलिया राम
राम नाम कहू क्या करे , जे मन के ओरे काम
अनुवाद : सिर मुंडवाते युग बीत चुके हैं अभी तक भगवान के साथ कोई मिलाप नहीं हुआ
परमेश्वर के नाम का सस्वर पाठ व्यर्थ है, जब मन कुछ और कर रहा है
अर्थ : मन पर नियंत्रण - निरीक्षण
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें