सोमवार, 18 मार्च 2013
जै आशिक के हाथ लिखनी अपनी तकदीर होंदी
जै आशिक के हाथ लिखनी अपनी तकदीर होंदी
ना राँझा कदे पागल होंदा ना कदे बेवफा हीर होंदी !
जै लेखां तै आशिक लड़ सकदे
उस खुद आली खुदाई मैं बड़ सकदे
अपने हाथ तकदीर अपनी घड सकदे
ना लैला तरसती मजनू नै ना मजनू की माडी तकदीर होंदी
जै प्रेमी लड़ सकदे दुनिया आलेयाँ तै
जै लैला लड़ सकदी घर आलेयाँ तै
हर आशिक टकरा जाता जुदा करण आलेयाँ तै
ना किसे साहिबा नै फेर किसे मिरजे के तोड़ना तीर होंदी !
जै होंदा इनके हाथ मैं तो ना प्रेमी दूर कदे होंदा
जिस श्याम नै तरसी राधा ना वो श्याम दूर कदे होंदा
इस प्रेम की मारी मीरा नै ना पीना जहर कदे होंदा
प्रेम धुन में बावरी राधा बैठी कदे उस जमना जी के तीर होंदी
कितने आशिक दुनिया नै जुदा कर दिए
कितने महबूब इसक मैं माशूक नै खुदा कर दिए
कित्नेयाँ नै प्रेम के कर्जे देकर जान अदा कर दिए
ना दर दर खाक छानता ''''डायेआला ''' तू भी ना फ़क़ीर होंदी
लेखक-; सोमबीर ''''नामदेव ''''डायेआला
मतना छेड़े यार मेरे
तू के जाने आग मैं दिल मैं कोण दबाये बैठ्या सु
मतना छेड़े यार मेरे चोट मैं दिल पे खाए बैठ्या सु
नामदेव
वेवक्त घरां गैर के जाणा ठीक नही !
1 . जो शरीर नै तंग करै वो खाणा ठीक नही
वेवक्त घरां गैर के जाणा ठीक नही !
2 . जार की यारी वेश्या का ठिकाणा ठीक नही !
ख़ुशी के टेम पै मातम का गाणा ठीक नही !!
3. बीर नै ज्यादा मुंह के लाणा ठीक नही !
बेटी हो घर की शोभा घणा घुमाणा ठीक नही !!
4 पास के धन तै काम चालज्या तै कर्जा ठाना ठीक नही !
भाईचारे तै रहना चाहिए गाम मैं पाला ठीक नही !!
5 . सुसराड जमाई . बेटी कै बाप और गाम मैं साला ठीक नही !
पछैत मैं बा...रना घर बीच मैंनाला ठीक नही!!
6 . ऐश करण नै माल बिराना ठीक नही
'''' नामदेव ''''कह तिल हो धोले रंग का दाल मैं क़ाला ठीक नही !!
पर किसी गरीब नै सताना ठीक नही !
जै दान पुन नही करया जा तै कोए बात ना
पर किसी गरीब नै सताना ठीक नही !
सयाना बालक का ठाली बिठाना ना चाहिए
और याणे नै काम कै लाना ठीक नही !
गाना हो सुरताल का भाइयो बढ़िया राग नै
बिना ताल और बेसुरा गाना ठीक नही !
भाई की हो जै आब शिखर पै
भाई नै भुलाना ठीक नही !
बीर मर्द मै मेल का रहना बहूत जरूरी हो सै
बीर नै हद तै ज्यादा मुंह कै लाना ठीक नही !
वकील नै ज्यादा भेद बताना ना चाहिये
डाक्टर तै मर्ज छुपाना ठीक नही !
नामदेव सब उपर उठना चाहवे साईं दुनिया मैं
खुद उपर उठन खातिर तरले नै दबाना ठीक नही
'''' सोमबीर नामदेव ''''
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