शराबी आपनी लुगाई तै- “जे इस देस की बागडोर मेरे हाथ मै आ जाए ना मै इस देश की तक़दीर बदल दू..
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उसकी लुगाई- “डेढ़ के बिज सबेरे का मेरी सलवार पहरे हांडे सै वा तो बदली ना जांदी तक़दीर बदलेगा तू”
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उसकी लुगाई- “डेढ़ के बिज सबेरे का मेरी सलवार पहरे हांडे सै वा तो बदली ना जांदी तक़दीर बदलेगा तू”
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