एक तेरी दीवानगी जो मेरे दिल पे छाई है
यादों इक घटा उमड़ कर दिल आसमान पर आयी है
यादों के बादल जब भी मेरे दिल छाएंगे
मेरे महबूब तेरा चेहरा ही आँखों के सामने पाएंगे
मेरी ये आँखें तेरे उस मासूम से चेहरे को न कभी भूल पायी है
यादों इक घटा उमड़ कर दिल आसमान पर आयी है
एक तेरी दीवानगी जो मेरी दिल पे छाई है
दीवाने पन हम उनको ढूढ़ते रहे
वो गैरों की आंधी में बह गए
फिर जाने क्यू लगता है के वो आज हमसे मिलने को आयी है
यादों इक घटा उमड़ कर दिल आसमान पर आयी है
एक तेरी दीवानगी जो मेरी दिल पे छाई है
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