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शुक्रवार, 5 अप्रैल 2013

न करी दावा तनॆ मेरे दर्द की ना मेरी नब्ज पिछानी!

मरजानी तेरे के हो गया के पी गी बिना छानी
न करी दावा तनॆ मेरे दर्द की ना मेरी नब्ज पिछानी!

कुन सा झूठा बहम आज तू पाल के बैठी सै
कयु दंगल के माह अपन्ना पीढा घाल के बैठी सै !

अपने भीतर का बहम थोडा सा तू बाहर कर लिए
घणा नही थोडा सा तो मेरे पै भी तू ऐतबार कर लिए !

डायेआले '''नामदेव '''का कुछ तू भी ख्याल करले
सारे गिल्ले शिकवयाँ का छाबडा इब तार कै धर ले !

सोमबीर '''नामदेव '''डाये आला
9321283377

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