यु रूठ कर हमसे वो ना जाते कुछ और बात होती
बजाये रूठने के उनको मनाते कुछ और बात होती !
मंद मंद मुस्कुराने से भी तो कुछ नही होने वाला
खिल खिलाके जो हंसते तो कुछ और बात होती !
लहू के छींटो से रोज किये है दामन लाल हमने
प्रेम की बारिश में नहाते तो कुछ और बात होती !
बिछड़ के उनसे जिंदगी गुजारी अंधियरों में हमने
पल के लिए आ जाते साथ तो कुछ और बात होती !
मन की मन में दबाकर रखी बात सदा ''नामदेव ''
हाल ऐ दिल खोल दिखाते तो कुछ और बात होती
सोमबीर '''नामदेव
बजाये रूठने के उनको मनाते कुछ और बात होती !
मंद मंद मुस्कुराने से भी तो कुछ नही होने वाला
खिल खिलाके जो हंसते तो कुछ और बात होती !
लहू के छींटो से रोज किये है दामन लाल हमने
प्रेम की बारिश में नहाते तो कुछ और बात होती !
बिछड़ के उनसे जिंदगी गुजारी अंधियरों में हमने
पल के लिए आ जाते साथ तो कुछ और बात होती !
मन की मन में दबाकर रखी बात सदा ''नामदेव ''
हाल ऐ दिल खोल दिखाते तो कुछ और बात होती
सोमबीर '''नामदेव
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