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गुरुवार, 23 जनवरी 2014

माना मुझमें अब वो शराफत नही रही

माना मुझमें अब वो शराफत नही रही
सच बोलने की आप में आदत नहीं रही

भड़क उठते है क्यूँ छोटी छोटी बात पर
सच सुनने की आप में ताकत नही रही

आदमी तो आज भी वही हूँ मैं लेकिन
क्या हुआ जो मेरे पास दौलत नही रही

कभी नाचती तू इन उँगलियों पर मेरी
क्यूँ आज पहले सी मेरी हकूमत नही रही

जिन्दगी गुजार दी तेरे पीछे '' नामदेव ''
क्यूँ दिल में तेरे आज मुहबत नही रही

#सोमबीरनामदेव

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