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गुरुवार, 23 जनवरी 2014

रोते हुए को हंसाने वाले बहुत कम है


रोते हुए को हंसाने वाले बहुत कम है
भूले को राह दिखाने वाले बहुत कम हैं !

खुरचते है यहाँ जख्मों को अक्सर लोग
दवा जख्मों पे लगाने वाले बहुत कम है !

ढूंढते है महबूब की ही सूरत सब उसमे
इश्क़ को खुदा बनाने वाले बहुत कम है !

अपनों से रूठ जहनुमं बना ली है दुनिया
छोड़ दे गुस्सा मनाने वाले बहुत कम है !

मक्कारी से भरी पड़ी ये दुनिया ऐ ''नामदेव ''
संभल ले खुद.. समझाने वाले बहुत कम है

सोमबीर ''नामदेव ''
9321283377

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